Commit 41bf674e authored by eric@webkit.org's avatar eric@webkit.org

Add a microbenchmark for Hindi (complex-text) line-layout

https://bugs.webkit.org/show_bug.cgi?id=100024

Reviewed by Ryosuke Niwa.

I wrote this to make sure that we don't regress line-breaking performance
for the complex-text codepath. This test has shown me that TOT is
already 5% slower than Safari 6.0.1 here. :(

* Layout/hindi-line-layout.html: Added.


git-svn-id: http://svn.webkit.org/repository/webkit/trunk@132717 268f45cc-cd09-0410-ab3c-d52691b4dbfc
parent 98fbabba
2012-10-26 Eric Seidel <eric@webkit.org>
Add a microbenchmark for Hindi (complex-text) line-layout
https://bugs.webkit.org/show_bug.cgi?id=100024
Reviewed by Ryosuke Niwa.
I wrote this to make sure that we don't regress line-breaking performance
for the complex-text codepath. This test has shown me that TOT is
already 5% slower than Safari 6.0.1 here. :(
* Layout/hindi-line-layout.html: Added.
2012-10-26 Zoltan Horvath <zoltan@webkit.org>
Turn PageLoad tests into simple performancetests, commit #6
......
<!DOCTYPE html>
<html>
<head>
<title>Hindi Line breaking performance test</title>
<script src="../resources/runner.js"></script>
</head>
<body>
<!-- Example hindi from http://people.w3.org/rishida/scripts/samples/hindi.php. Hindi was chosen, as its ligatures should cause us to use the complex-text path. -->
<pre id="log"></pre>
<div id="target" style="width: 300px; display: none;">
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
<p lang="hi" xml:lang="hi" title="This is Hindi"><span id="e8" class="ex">हालाँकि</span> सूर के जीवन के बारे में कई जनश्रुतियाँ <span id="e9" class="ex">प्रचलित</span> <span id="e3" class="ex">हैं</span>, पर इन में कितनी सच्चाई है यह कहना कठिन है। कहा जाता है उनका जन्म सन् <span id="e10" class="ex">१४७८</span> में <span id="e4" class="ex">दिल्ली</span> के पास एक ग़रीब ब्राह्मीण परिवार <span id="e1" class="ex">में</span> हुआ। जनश्रुति के अनुसार सूरदास जन्म से ही अंधे थे। आजकल थी <span id="e2" class="ex">अंधे</span> आदमी अक्सर 'सूरदास' कहलाते हैं। कई लोगों ने उन्हें गुरु के <span id="e6" class="ex">रूप</span> में अपनाया और उनकी <span id="e7" class="ex">पूजा</span> करना शुरु कर दिया । </p>
</div>
<script>
var target = document.getElementById("target");
var style = target.style;
function test() {
style.display = "block";
style.width = "280px";
target.offsetLeft;
style.width = "300px";
target.offsetLeft;
style.width = "290px";
target.offsetLeft;
style.display = "none";
}
PerfTestRunner.measureRunsPerSecond({ run: test });
</script>
</body>
</html>
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